अय जिंदगी

अय जिंदगी!

भावना मयूर पुरोहित
भावना मयूर पुरोहित
हैदराबाद

तुम्हारें बख़्शे हुए

हर एक लम्हा।  

जश्न हैं इसलिए

तुम हो जश्ने जिंदगी॥

किंतु अय जश्ने जिंदगी,

खफ़ा हूँ मैं तुझसे, क्योंकि…

पता नहीं देती तू, मेरी खता का।

कभी तू आईने-सी

साफ़ निर्मल झील।

कभी समंदर सी-गहरी

रहस्यमयी बोझिल।।

कलकल करती बहती सरिता 

सहेली-सी सुगम।

और कभी, झील के उद्गम-सी,

पहेली दुर्गम।।

जश्ने जिंदगी तू कभी,

खूशबू भरा गुलाब। 

और कभी काँटों का शूल

गुलाब के गुलशनों में॥

मेरी नादानियत पर

हँस कर बोली जश्ने जिंदगी

“खफ़ा मत हो, मुझ पर नादान!

पता देती हूँ मैं,

तेरी खता का…

ढूंढता है तू मेरा पता

झील में प्रतिबिंबित, आईनों में,

गुलों की खुश्बुओं में,

रहस्यमयी इस जाल में,

सहेली-सी सरल हूँ मैं,

फिर भी तू ही मुझे,

पहेली-सी जटिल दुर्गम बनाता है।”

****

5 thoughts on “अय जिंदगी”

  1. What’s up everyone? I’m trying sky8866 out. The graphics are pretty impressive and they have a lot of different promotions running all the time. Looks great from my perspective: sky8866

  2. Gotta say, sc88bet has a pretty wide selection of e-sports betting options, way more than I usually see. If you’re into that kind of thing, it’s worth checking out. Check it out at sc88bet

Leave a Reply to g55betapp Cancel Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top