तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु अर्थात् मेरा मन शुभ संकल्प वाला हो
यदि किसी घाटी अथवा किसी बड़े से कमरे में हम कुछ बोलते हैं तो वो आवाज वहाँ गूँजने लगती है और बार-बार हमें सुनाई पड़ती है। इसी प्रकार से हमारे मन में उठने वाले विचारों की गूँज भी बार-बार प्रतिध्वनित होकर हमें सुनाई पड़ती है और उसका सीधा प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है। मन […]
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